क्या छिपता है?
मास्क्ड आधार में आधार नंबर के शुरुआती आठ अंक छिपे रहते हैं और अंतिम चार दिखते हैं। इसे आधिकारिक ई-आधार डाउनलोड प्रक्रिया में चुना जा सकता है। UIDAI की जानकारी
नाम, फोटो, पता और दूसरी दिखने वाली जानकारी फिर भी व्यक्तिगत है। इसलिए मास्क्ड प्रति को भी सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें।
भेजने से पहले पूछें
- प्राप्तकर्ता को कौन-सी जानकारी सत्यापित करनी है?
- क्या मास्क्ड आधार या दूसरा उपयुक्त दस्तावेज़ स्वीकार होगा?
- प्रति किस माध्यम से भेजनी है?
हर सेवा की प्रक्रिया अलग हो सकती है। समय-सीमा या अपॉइंटमेंट से पहले उसकी आवश्यकता समझ लें।
सही फ़ाइल चुनें
myAadhaar की डाउनलोड सेवा में मास्क्ड विकल्प देखें और सत्यापन स्वयं पूरा करें। फ़ाइल खोलकर सुनिश्चित करें कि सही प्रति बनी है।
फोन में पुरानी और नई डाउनलोड फ़ाइलों के नाम लगभग समान हो सकते हैं। साझा करने से पहले देखें कि गलती से बिना मास्क वाली प्रति न चुनी गई हो। फ़ाइल के नाम में पूरा आधार नंबर न लिखें।
नंबर छिपने से पूरा दस्तावेज़ गुमनाम नहीं होता। QR कोड, स्क्रीनशॉट और साझा फ़ोल्डर के साथ भी सावधानी रखें। किसी मदद के लिए त्रुटि संदेश भेजना हो तो व्यक्तिगत विवरण पहले छिपाएँ।
स्रोत जाँच: 16 अक्टूबर 2026।